1. “वाणी के बजाए, कार्य से दिए गए उदाहरण कहीं ज्यादा प्रभावी होते हैं”
2. “मज़ाक उसे कहते हैं जब सुनने वाला और बोलने वाला दोनों हँसे,
जिस मज़ाक में एक हँसे और दूसरे को तकलीफ़ हो उसे मज़ाक नहीं कहते”
3. ॥ अंतः अस्ति प्रारंभः ॥
“लगाव ही पीड़ा है, करुणा ही क्रूरता है, और अंत ही प्रारंभ”
4. ॥ संग्रामः मनुष्यं बलिष्ठं करोति ॥
“संघर्ष मनुष्य को ताकतवर बनाता है”
5. ॥ एकमात्र: अन्त: मृत्यु: एव ॥
अन्त केवल मृत्यु है, हर दिन प्रयत्न करना जीवन है।
6. “आप जिस पर ध्यान केन्द्रित करेंगे वो चीज
हमेशा बड़ी होगी, चाहे वो समस्या हो समाधान हो
या लक्ष्य हो, हमारी जिंदगी हमारे हाथ मे है..॥
7. आनंद प्राप्त करने का मूल है …
परमात्मा का चिंतन !!!
8. जिसका मन स्थिर होता है,
उसे कष्ट नहीं होता…!
9. जो केवल भगवान से आशा रखता है,
उसे कोई दुखी नहीं कर सकता।
10. मन की शांति से बढ़कर
इस संसार में कोई संपत्ति नहीं।